लखनऊ/गाजीपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस ने कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी और उसके गैंग (आईएस-191) से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद गाजीपुर में पांच अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। जांच में कई शस्त्र लाइसेंसों की मूल पत्रावलियां और हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से गायब मिले हैं। पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
43 लाइसेंस और 80 से अधिक हथियारों का हुआ सत्यापन
पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर एसटीएफ से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक ने गाजीपुर पुलिस को मुख्तार अंसारी, उसके परिजनों, गैंग के सदस्यों और सहयोगियों को जारी शस्त्र लाइसेंसों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। इसके तहत 43 लोगों के शस्त्र लाइसेंस और उनसे जुड़े 80 से अधिक हथियारों का सत्यापन किया गया।
जांच में गायब मिले महत्वपूर्ण रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान कई मामलों में शस्त्र लाइसेंसों की मूल फाइलें और हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े अभिलेख गायब पाए गए। आरोप है कि लाइसेंसधारकों ने तत्कालीन शस्त्र लिपिकों और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर रिकॉर्ड गायब कराए, ताकि हथियारों की वास्तविक स्थिति छिपाई जा सके और उनके संभावित दुरुपयोग का पता न चल सके।
जांच में एक मामले में फर्जी पते के आधार पर शस्त्र लाइसेंस हासिल किए जाने का भी खुलासा हुआ है।
अफजाल अंसारी, अफसा बेगम समेत कई लोग नामजद
जांच के आधार पर गाजीपुर के कोतवाली और मुहम्मदाबाद थानों में पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें अफजाल अंसारी, अफसा बेगम, गैंग के सहयोगी मोहम्मद शाहिद, तत्कालीन शस्त्र लिपिकों और अन्य संबंधित अधिकारियों को नामजद किया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामलों में आपराधिक षड्यंत्र, सरकारी अभिलेख गायब कराने, फर्जी जानकारी देकर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने और आयुध अधिनियम के उल्लंघन सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है।
एसआईटी करेगी पूरे मामले की गहन जांच
पुलिस ने सभी पांच मामलों की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), गाजीपुर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। जांच टीम तत्कालीन और वर्तमान शस्त्र लिपिकों, प्रभारी अधिकारियों तथा अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की विस्तार से जांच करेगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक ही लाइसेंस पर कई बार हथियारों की खरीद-बिक्री का आरोप
पुलिस के मुताबिक सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया कि गैंग से जुड़े कुछ लोगों ने एक ही शस्त्र लाइसेंस पर कई बार हथियारों की खरीद-बिक्री कर उनकी वास्तविक स्थिति छिपाने और प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया। फिलहाल मुख्तार अंसारी गैंग, उसके परिजनों और सहयोगियों को जारी अन्य शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन भी जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि कोई नई अनियमितता सामने आती है तो उसके आधार पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मार्च 2024 में हुई थी मुख्तार अंसारी की मौत
मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 को उत्तर प्रदेश के बांदा मेडिकल कॉलेज में मृत्यु हुई थी। आधिकारिक तौर पर उनकी मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया था।
